शकुन्त माथुर वाक्य
उच्चारण: [ shekunet maathur ]
उदाहरण वाक्य
- अपने ढंग से कोई जिया नहीं / शकुन्त माथुर
- सन १९४० में उनका विवाह दिल्ली में कवयित्री शकुन्त माथुर से हुआ।
- सन १९४० में उनका विवाह दिल्ली में कवयित्री शकुन्त माथुर से हुआ।
- शकुन्त माथुर » संग्रह: लहर नहीं टूटेगी मेरे हाथ मॆं क़िताब है
- आदिम डर / शकुन्त माथुर-कविता कोश-हिन्दी कविताएँ, ग़ज़ल, नज़्म, शायरी, उर्दु शेर, काव्य, अनुवाद, कविता, लोकगीत, कवि,
- कुमार, अज्ञेय, मुक्तिबोध, नेमीचन्द्र, भवानीप्रसाद मिश्र, हरिनारायण व्यास, रघुवीर सहाय, शकुन्त माथुर व शमशेर बहादुर सिंह की कुछ कविताओं का रोमन लिपिबद्ध संग्रह।
- धर्मवीर भारती, हरि व्यास, नरेश मेहता, रघुवीर सहाय, शकुन्त माथुर, महेन्द्रभटनागर, सर्वेश्वरदयाल, मदन वात्स्यायन, विजयदेव साही, नामवर सिंह, सिद्धनाथ कुमार, राजनारायण बिसारिया आदि कितने ही नये कवि हमारे सामने हैं।
- कुमार, अज्ञेय, मुक्तिबोध, नेमीचन्द्र, भवानीप्रसाद मिश्र, हरिनारायण व्यास, रघुवीर सहाय, शकुन्त माथुर व शमशेर बहादुर सिंह की कुछ कविताओं का रोमन लिपिबद्ध संग्रह), हिन्दी की कविताएँ (सत्येश भंडारी), अनकही बातें सारिका सक्सेना अशोक आधुनिक कविताएँ (हरिवंशराय बच्चन, राकेश कौषिक, महादेवी वर्मा द्वारा लिखी कविताएँ।
- तो भी स्त्री छवि को स्त्री लेखन (कविता) के माध्यम से समझने की कोशिश करते हुए मॆंने पाया हॆ कि एक ओर जहां पितृसत्तात्मक प्रवृति के चलते बना दी गई स्त्री छवि को सीधे-सीधे प्रश्नों के घेरे में डाला गया हॆ, यहां तक कि कभी-कभार आत्मालोचन के रूप में भी जॆसे शकुन्त माथुर की कविता “ नारी का संदर्भ ” (लहर नहीं टूटेगी) में ऒर कभी-कभी उसके विध्वंस की भी राह खोजने का प्रयत्न किया गया हॆ वहां दूसरी ओर स्त्री की उपलब्ध मिथकीय छवियों को भी अनेक रूपों में मथा गया हॆ।
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